Class 8 SS Geography Chapter 4 Industries notes in Hindi Medium
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Class 8 SS Geography Chapter 4 Industries notes
(i) - उद्योग शब्द का क्या तात्पर्य है?
उत्तर (i)- उद्योग का संबंध उस आर्थिक गतिविधि से है जो
कि वस्तुओं के उत्पादन, खनिजों के निष्कर्षण अथवा सेवाओं की
व्यवस्था से संबंधित है। उदाहरण के लिए, लोहा और
इस्पात उद्योग वस्तुओं के उत्पादन से संबंधित है। कोयला खनन उद्योग कोयले को धरती
से निकालने (खनन) से संबंधित हैं तथा पर्यटन, सेवा देने से संबंधित उद्योग है।
प्रश्न (ii)- वे कौन से मुख्य तथ्य है जो उद्योग की
अवस्थिति को प्रभावित करते हैं?
उत्तर (ii)- उद्योगों की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले
कारक निम्नलिखित हैं-
1)
कच्चे
माल की उपलब्धता
2)
भूमि,
3)
जल,
4)
श्रम,
5)
शक्ति,
6)
पूंजी,
7)
संचार के
साधन,
8)
परिवहन और
9)
बाजार।
उद्योग
उन्हीं स्थानों पर केंद्रित होते हैं जहाँ ये सभी कारक या इनमें से कुछ आसानी से
उपलब्ध होते हैं।
प्रश्न (iii)- कौन सा उद्योग पर प्रायः आधुनिक उद्योग का
मेरुदंड कहा जाता है और क्यों?
उत्तर
(iii)- इस्पात उद्योग को प्रायः आधुनिक उद्योगों का मेरुदंड कहा जाता
है। हम जितनी भी वस्तुओं का उपभोग करते हैं, वे या तो लोहा या इस्पात से बना है अथवा इन धातुओं से बने निर्मित औजारों
और मशीनों से बने हैं। उदाहरण के लिए। रेलगाडी ट्रक, ऑटो, सेफ्टी पिन सुई, भवन निर्माण आदि।
प्रश्न 2-
अंतर स्पष्ट कीजिए।
(i) कृषि आधारित और खनिज आधारित उद्योग।
उत्तर (i) कृषि आधारित उद्योग- यह उद्योग कच्चे माल के रूप में
वनस्पति और जंतुओं से प्राप्त उत्पादों का प्रयोग करते हैं। उदाहरण के लिए अनाज, चीनी, वनस्पति
तेल, सूती वस्त्र, डेरी और चमड़ा उद्योग।
खनिज आधारित उद्योग- यह उद्योग कच्चे माल के रूप में खनिज अयस्कों का
उपयोग करते हैं। उदाहरण के लिए लौह-अयस्क और इस्पात उद्योग, पेट्रोलियम उद्योग।
(ii) सार्वजनिक क्षेत्र और संयुक्त क्षेत्र के उद्योग।
उत्तर (ii) सार्वजनिक क्षेत्र- सार्वजनिक
क्षेत्र के उद्योगों का स्वामित्व और संचालन सरकार द्वारा किया जाता है। उदाहरण
के लिए, हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), और
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL)
संयुक्त क्षेत्र के उद्योग- इन उद्योगों का स्वामित्व और संचालन निजी व्यक्ति
और सरकार दोनों के द्वारा मिलकर किया जाता है। उदाहरण के लिए, मारुति उद्योग।
प्रश्न 3
दिए गए स्थानों में निम्नलिखित के दो दो उदाहरण दीजिए।
I.
कच्चा
माल : कपास और लौह अयस्क
II.
अंतिम
उत्पाद : कपड़ा और मशीन
III.
तृतीय
क्रियाकलाप : परिवहन और संचार सेवायें
IV.
कृषि
आधारित उद्योग : कपड़ा और फर्नीचर उद्योग
V.
कुटीर
उद्योग : मिट्टी के बर्तन और
टोकरी बुनाई
VI.
सहकारिता : आनंद मिल्क यूनियन लिमिटेड (AMUL) और सुधा डेयरी
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अन्य
महत्वपूर्ण प्रश्न
प्रश्न 4-
आर्थिक क्रियाओं को कितने क्षेत्रों में बांटा जाता है?
उत्तर 4-
आर्थिक क्रियाओं को तीन भागों में बांटा जाता है-
A) प्राथमिक क्रियाएं या कृषि आधारित क्षेत्र- इन क्रियाओं
में प्रकृति से संबंधित क्रियाओं को शामिल किया जाता है। उदाहरण के लिए, कृषि, मत्स्य-पालन
खनन, लकड़ी उद्योग आदि।
B) द्वितीयक क्रियाएं अथवा विनिर्माण क्षेत्र- इस क्षेत्र में प्राथमिक उद्योग की
वस्तुओं को अन्य वस्तुओं में बदला जाता है।
उदाहरण के लिए गन्ने को चीनी में और कपास को कपड़े के रूप में।
C) तृतीयक क्षेत्र अथवा सेवा क्षेत्र- यह क्षेत्र सेवा से संबंधित होता है। उदाहरण के
लिए, संचार, परिवहन। बैंकिंग और बीमा आदि सेवाएं।
प्रश्न 5-
उद्योगों का वर्गीकरण कैसे किया जाता है?
उत्तर 5-
उद्योगों का वर्गीकरण कच्चा माल, आकार और स्वामित्व के आधार पर किया जा सकता है।
A) कच्चा माल के आधार पर वर्गीकरण- कच्चे माल के उपयोग के आधार पर
उद्योगों को कृषि आधारित, खनिज आधारित, समुद्र आधारित और वन आधारित में वर्गीकृत
किया जा सकता है।
i) कृषि आधारित उद्योग- यह उद्योग कच्चे माल के रूप में वनस्पति और जंतुओं से प्राप्त
उत्पादों का प्रयोग करते हैं। उदाहरण के लिए अनाज, वनस्पति
तेल, सूती वस्त्र, डेरी और चमड़ा उद्योग।
ii) खनिज आधारित उद्योग- यह उद्योग कच्चे माल के रूप में खनिज
अयस्कों का उपयोग करते हैं। उदाहरण के लिए लौह-अयस्क और इस्पात उद्योग, पेट्रोलियम
उद्योग।
iii) समुद्र आधारित उद्योग- इस प्रकार के उद्योग सागरों और महासागरों से
प्राप्त वस्तुओं का उपयोग कच्चे माल के रूप में करते हैं, उदाहरण के लिए। समुद्री खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और मत्स्य तेल
उद्योग।
iv) वन आधारित उद्योग- यह उद्योग वनों से प्राप्त उत्पाद का
प्रयोग कच्चे माल के रूप में करते हैं, उदाहरण
के लिए, कागज उद्योग, फर्नीचर उद्योग, औषधि रसायन उद्योग।
B) आकार के आधार पर वर्गीकरण- उद्योग
के आकार का अर्थ है निवेश की गई पूंजी की राशि, नियोजित लोगों की संख्या और
उत्पादन की मात्रा में है। आकार के आधार पर उद्योगों को दो भागों में बांटा जा
सकता है है। लघु आकार के उद्योग या कुटीर उद्योग और बृहत आकार के उद्योग।
i) लघु आकार के उद्योग या कुटीर या घरेलू
उद्योग- छोटे पैमाने के उद्योग होते हैं, जिनमें उत्पादों का निर्माण हाथ से होता है। उदाहरण के लिए टोकरी बुनाई, मिट्टी
के बर्तन, आदि।
ii) बृहत (बड़े) आकार के उद्योग या बड़े पैमाने
के उद्योग- ये वे उद्योग होते हैं जो बहुत ज्यादा पूंजी और प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हैं तथा बड़ी मात्रा
में वस्तुओं का उत्पादन करते हैं। उदाहरण के लिए ऑटोमोबाइल, कार, लोहा और इस्पात आदि बृहत आकार के उद्योगों के
उदाहरण हैं।
C) स्वामित्व के आधार पर उद्योगों का वर्गीकरण- स्वामित्व के आधार पर उद्योगों को निजी क्षेत्र,
सार्वजनिक क्षेत्र, संयुक्त क्षेत्र और सहकारी क्षेत्र में वर्गीकृत किया जा सकता
है।
i) निजी क्षेत्र- निजी क्षेत्र के
उद्योगों का स्वामित्व और संचालन किसी एक व्यक्ति द्वारा या व्यक्तियों के समूह
द्वारा किया जाता है। उदाहरण के लिए रिलायंस, टाटा आदि।
ii) सार्वजनिक क्षेत्र- सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों का स्वामित्व और
संचालन सरकार द्वारा किया जाता है। उदाहरण के लिए, हिंदुस्तान
एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL)
iii) संयुक्त क्षेत्र के उद्योग- इन उद्योगों का स्वामित्व और संचालन
निजी व्यक्ति और सरकार दोनों के द्वारा मिलकर किया जाता है। उदाहरण के लिए,
मारुति उद्योग।
iv) सहकारी क्षेत्र के उद्योग- इन
उद्योगों का स्वामित्व और संचालन कच्चे माल के उत्पादकों, कामगारों अथवा दोनों के
द्वारा होता है। उदाहरण के लिए आनंद मिल्क यूनियन लिमिटेड (अमूल) और सुधा डेयरी आदि।
प्रश्न 6-
औद्योगिक प्रदेश का विकास कैसे होता है?
उत्तर 6-
औद्योगिक प्रदेश का विकास तब होता है जब कई तरह के उद्योग एक दूसरे के निकट स्थित
होते हैं और वे अपनी निकटता का लाभ आपस में बांटते है। भारत में अनेक औद्योगिक प्रदेश
है। उदाहरण के लिए मुंबई-पुणे समूह, अहमदाबाद- वडोदरा प्रदेश, गुड़गांव-दिल्ली-मेरठ औद्योगिक
प्रदेश आदि।
प्रश्न 7-
भोपाल गैस दुर्घटना पर एक नोट लिखिए।
उत्तर 7-
भोपाल गैस त्रासदी 3 दिसंबर 1984 को आधी-रात 12 बजकर 30 मिनट पर हुई थी। इस
त्रासदी में यूनियन कार्बाइड के कीटनाशी कारखाने से हाइड्रोजन साइनाइड तथा
अत्यन्त विषैली मिथाइल आइसोसाइनेट (M.I.C.) गैस का रिसाव हुआ था। 1989 में
सरकारी सूचना के अनुसार इस त्रासदी में लगभग 36,000 व्यक्तियों की मृत्यु हो गई थी। हजारों लोग जो बच गए थे, वह आज भी अंधेपन, प्रतिरक्षा तंत्र विकृति आदि से पीड़ित हैं।
प्रश्न 8-
औद्योगिक जोखिम को कम करने के लिए क्या क्या उपाय किए जा सकते हैं?
उत्तर 8-
औद्योगिक जोखिम को करने के लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं-
1) औद्योगिक
क्षेत्रों को आवासीय क्षेत्रों से दूर स्थापित किया जाना चाहिए।
2) औद्योगिक
क्षेत्र के समीप बसने वाले लोगों को दुर्घटना की स्थिति में बचाव कार्यों का ज्ञान
होना चाहिए।
3) आग की
चेतावनी और अग्निशमन की व्यवस्था को उन्नत किया जाना चाहिए।
4) विषैले
और हानिकारक पदार्थों के भंडारण क्षमता सीमित होनी चाहिए।
5) उद्योगों
में प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को उन्नत किया जाना चाहिए।
प्रश्न 9-
‘सनराइज उद्योग’ किसे कहते हैं?
उत्तर
9- उभरते हुए उद्योगों को ‘सनराइज
उद्योग’ के नाम से जाना जाता है। इसमें सूचना प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य लाभ, सत्कार
तथा ज्ञान से संबंधित उद्योग शामिल हैं।
प्रश्न 10-
भारत के लोहा इस्पात उद्योग पर एक नोट लिखिये।
उत्तर 10-
भारत में लोहा, इस्पात उद्योग, कच्चा माल, सस्ते श्रमिक परिवहन और बाजार का लाभ लेते हुए विकसित हुआ। यह चार
राज्यों में फैले हुआ हैं- पश्चिमी बंगाल, झारखंड,
ओडिशा और छत्तीसगढ़। 1947 से पूर्व भारत में केवल
एक इस्पात का कारखाना था। टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी लिमिटेड (टिस्को-TISCO)। भारत
के महत्वपूर्ण इस्पात उद्योग केंद्र निम्नलिखित है। भिलाई, दुर्गापुर, बार्नपुर, जमशेदपुर, राउरकेला और बोकारो।
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